
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
चंद्रपुर जिले के राजुरा के पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. प्रभाकरराव मामुलकर की पत्नी सुमनताई प्रभाकरराव मामुलकर ने अपने ही रिश्तेदारों पर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति में धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में राजुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पूरे राजुरा शहर में इस घटना की जमकर चर्चा हो रही है।
बीमार होने का उठाया फायदा, 5 करोड़ की संपत्ति नाम कराने का आरोप
चंद्रपुर जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई लिखित शिकायत में सुमनताई मामुलकर ने कहा है कि पति स्व. प्रभाकरराव मामुलकर के निधन के बाद उनकी तबीयत खराब थी। मदद के लिए बहन का बेटा अभिजीत भुते और उसकी पत्नी शिल्पा भुते राजुरा स्थित घर में रहने लगे थे। धीरे-धीरे घर का सारा काम-काज अभिजीत भुते के हाथ में चला गया। वही पेंशन की रकम भी निकाल रहे थे।
शिकायत के अनुसार, 23 मई 2025 को “जमीन खरीदनी है” कहकर अभिजीत भुते और शिल्पा भुते सुमनताई को राजुरा के उप निबंधक कार्यालय ले गए। वहां आशिष नलगे, बबन भुते और धनराज चिंचोलकर पहले से मौजूद थे। उसी दिन 3 बिक्री पत्र और 6 गिफ्ट डीड बनाकर अलग-अलग संपत्तियां इन लोगों के नाम कर दी गईं।
किसके नाम हुई कितनी संपत्ति
शिकायत में बताया गया है:
– अंतरगांव की खेती – आशिष नलगे के नाम
– सुबई का हॉस्टल – अभिजीत भुते और शिल्पा भुते के नाम
– राजुरा के रामनगर कॉलोनी का घर – अभिजीत भुते और शिल्पा भुते के नाम
– सुबई की जमीन – अभिजीत भुते के नाम
– अंतरगांव की खेती – अभिजीत भुते और शिल्पा भुते के नाम
– सुबई की दो खेतों में से एक – अभिजीत भुते के नाम, दूसरी – अभिजीत और शिल्पा के नाम
– अंतरगांव की एक और जमीन – अभिजीत भुते और धनराज चिंचोलकर के नाम
कुछ लेन-देन गिफ्ट डीड से और कुछ खरीद पत्र से किए गए। सुमनताई ने दावा किया है कि इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत 5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 84 साल की बुजुर्ग होने और तबीयत खराब होने का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
घर से निकाला, चंद्रपुर में भाई के पास रह रही हैं
शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब दो महीने पहले उन्हें घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वे चंद्रपुर में भाई रविकांत निंबाळकर के पास रहने लगीं। वहां दस्तावेज देखने पर उन्हें शक हुआ। रविकांत निंबाळकर ने रजिस्ट्री के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां निकलवाईं। तब पता चला कि उनकी संपत्ति उनके नाम से हटाकर दूसरों के नाम कर दी गई है।
इसके बाद 28 जून को सुमनताई ने भाई रविकांत निंबाळकर के साथ राजुरा पुलिस थाने जाकर अभिजीत भुते, शिल्पा भुते, आशिष नलगे, बबन भुते और धनराज चिंचोलकर के खिलाफ धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दी।
“मुझे न्याय चाहिए” – सुमनताई
इस गंभीर आरोप के बाद राजुरा में हड़कंप मच गया है। पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
सुमनताई ने कहा, _”मेरे साथ धोखाधड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो और मेरे पति स्व. प्रभाकरराव मामुलकर की पैतृक संपत्ति, जिसकी मैं एकमात्र वारिस हूं, वह मुझे वापस मिले। मुझे झूठ बोलकर जमीन खरीदने के नाम पर ले जाया गया और मेरी संपत्ति दूसरों के नाम कर दी गई। इसके बाद मानसिक प्रताड़ना देकर मुझे घर से बाहर निकाल दिया। 84 साल की उम्र में मुझे बेघर कर दिया गया। मुझे न्याय चाहिए।”_








